डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष और शिक्षा का प्रतीक : पोखरियाल

ऋषिकेश। सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज में भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती सम्मानपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अंबेडकर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल नागेन्द्र पोखरियाल ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का संपूर्ण जीवन सामाजिक अन्याय के विरुद्ध साहसिक संघर्ष का परिचायक है। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी शिक्षा को अपनी शक्ति बनाया और समाज को समान अधिकारों की राह दिखाई। प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने बाबा साहेब के विचारों को विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला उनके संविधानिक योगदान से सुदृढ़ हुई है। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि डॉ. अंबेडकर के सिद्धांत उन्हें आत्मसम्मान, परिश्रम और आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं तथा शिक्षा के महत्व को समझने का संदेश देते हैं। विद्यालय के मीडिया प्रभारी नरेन्द्र खुराना ने जानकारी दी कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्र छात्राओं में मौलिक अधिकारो, कर्तव्य, शिक्षा,एवं सत्यनिष्ठा,कानूनी ज्ञान समय समय पर छात्र छात्राओं को दिया जाना आवश्यक है ।

जिससे उनमें समग्र विकास हो सके। मौके पर गृह परीक्षा प्रभारी रामगोपाल, बोर्ड परीक्षा प्रभारी सतीश चौहान, अजीत रावत, लक्ष्मी चौहान सहित अन्य उपस्थित रहे।








