गंगा तट पर गूंजेगा ध्यान और शांति का स्वर: कल से शुरू होगा महा योग ध्यान कुंभ 9.0, 18 देशों के 10,000 साधक होंगे शामिल
ऋषिकेश । योगनगरी ऋषिकेश एक बार फिर विश्व शांति और आंतरिक जागृति के महासंगम की साक्षी बनने जा रही है। पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज मूवमेंट (PSSM) की पहल पर पीएमसी सोसाइटी द्वारा पीएमसी हिंदी के सहयोग से आयोजित होने वाला नौवां महा योग ध्यान कुंभ (MYDK 9.0) कल यानि कि 23 अक्टूबर से मुनिकीरेती स्थित योग महोत्सव घाट पर मां गंगा के पावन तट पर शुरू होगा। पांच दिवसीय यह महोत्सव 27 अक्टूबर तक चलेगा। इस पांच दिवसीय महोत्सव की जानकारी आज
गंगा रिसॉर्ट में आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजकों ने पत्रकारों को दी। पत्रकारों को जानकारी देते हुए सुनील भगत संस्थापक स्वामीनारायण आश्रम, वसंत शास्त्री अध्यक्ष PMC Society एवं मुख्य आयोजक, अमूल्य शास्त्री क्रिएटिव हेड एवं COO PMC Hindi, मनोज दलदानी उपाध्यक्ष नई परियोजनाएं, निखिल खुरानिया अन्नप्रसादम सेवा प्रमुख और भूपिंदर सिंह रावत ब्रांड एम्बेसडर PMC Hindi ने संयुक्त रूप से बताया कि MYDK केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आंदोलन है, जो व्यक्ति के भीतर बदलाव लाकर विश्व में शांति स्थापित करने का संदेश देता है।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण गंगा तट पर सामूहिक आनापानसति यानी श्वास-जागरूकता ध्यान होगा, जो लाइव वाद्य संगीत और पिरामिड ऊर्जा के साथ होगा।
इस पांच दिवसीय महोत्सव में प्रतिदिन सुबह 5 से 8 बजे तक लाइव संगीतमय ध्यान सत्र, शाम 6 से 6:30 बजे तक भव्य गंगा आरती, ज्ञान संवाद देश-विदेश के आध्यात्मिक गुरुओं, ध्यान शिक्षकों, वैज्ञानिकों और विचारकों के साथ संवाद
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां में:- भारतीय शास्त्रीय संगीत, कबीर भजन, अभंग गायन और ध्वनि चिकित्सा (Sound Healing)। योग, प्राणायाम, आयुर्वेद और श्वास-क्रिया पर विशेष सत्र। बच्चों के लिए ‘जाग्रत किड्स’ और युवाओं के लिए ‘स्वानुभव यूथ सेशंस। 108 घंटे का अखंड ध्यान और 27 अक्टूबर को गंगा आरती एवं संत सम्मेलन के साथ महोत्सव का समापन होगा। सभी के लिए यह निःशुल्क है, 1.5 लाख लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई है।
बताया कि MYDK 9.0 में भाग लेने के लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं है। यह ध्यान साधकों, परिवारों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी के लिए खुला है।
बताया कि महा योग ध्यान कुंभ की शुरुआत 2017 में हुई थी और तब से यह प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा के अवसर पर ऋषिकेश में आयोजित हो रहा है।

इस बार 150 से अधिक शहरों और 18 से अधिक देशों से 10,000 से अधिक प्रतिभागियों के आने की उम्मीद है। कहा कि “जब बदलाव भीतर आता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है।
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