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43 वर्षों की सेवाओं के बाद उदयराज सिंह को किया सम्मानित

ऋषिकेश । विद्या भारती की योजनानुसार 43 वर्षों की सफल सेवाओं के उपरांत उदयराज सिंह चौहान सेवानिवृत्त हुए। अपने शिक्षण जीवन में उन्होंने अनेक सरस्वती विद्या मंदिर संस्थानों में कार्य करते हुए शिक्षा और संस्कार का अमूल्य योगदान दिया। अपने अंतिम कार्यकाल में चौहान प्रधानाचार्य, सरस्वती विद्या मंदिर, बाबूगढ़ विकासनगर रहे और संस्था को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का कार्य किया। उनके सेवानिवृत्त होने पर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास, ऋषिकेश में आयोजित सम्मान समारोह में विद्यालय के प्रधानाचार्य उमाकांत पंत एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नंद किशोर भट्ट ने उन्हें अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया। चौहान ने कहा विद्या भारती के विद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि संस्कारों के निर्माण की आधारशिला हैं। यहाँ से निकला प्रत्येक विद्यार्थी संस्कारवान और राष्ट्रप्रेमी बनकर समाज में अपनी पहचान स्थापित करता है। उन्होंने प्रधानाचार्य उमाकांत पंत के नेतृत्व और आवास विकास स्थित विद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों के बीजारोपण का श्रेष्ठ कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में रामगोपाल रतूड़ी जीव विज्ञान प्रवक्ता ने चौहान के अनुशासन, समर्पण और शिक्षा-जगत में योगदान को अविस्मरणीय बताते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।साथ ही मौके पर संकुल स्तरीय कब्बड्डी,खेलकूद प्रतियोगिता में विजेता बने खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया । मौके पर विद्यालय के उप प्रधानाचार्य नागेन्द्र पोखरियाल,खेल प्रमुख रविन्द्र परमार,अजीत रावत,लक्ष्मी चौहान नरेन्द्र खुराना,पंकज मिश्रा,रजनी गर्ग,यशोदा भारद्वाज अन्य मौजूद रहे।

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