बैंकिंग एवं बीमा क्षेत्र में करियर संभावनाओं पर सेमिनार का किया आयोजन
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में किया कार्यक्रम आयोजित

ऋषिकेश ( राव शहजाद ) । श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश के वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय द्वारा “कैरियर ऑपर्च्युनिटीज इन बैंकिंग एंड इंश्योरेंस” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का शानदार आयोजन किया गया। बता दे इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को वित्तीय क्षेत्र की बारीकियों और इसमें रोजगार के भविष्य से अवगत कराना था। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ और प्रमुख संबोधन परिसर के निदेशक प्रो० महावीर सिंह रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में प्रो० रावत ने विद्यार्थियों को आज के प्रतिस्पर्धी युग में बैंकिंग, फाइनेंस और इंश्योरेंस के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया और उन्हें इस क्षेत्र में मौजूद असीमित जॉब संभावनाओं के लिए प्रेरित किया। संकायाध्यक्ष प्रो० वी.पी. श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर में हो रहे तकनीकी बदलावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह क्षेत्र आधुनिक अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रहे हैं। सेमिनाार के दौरान विश्वविद्यालय और बजाज फिनसर्व के बीच हुए विशेष सहयोग (Collaboration) की जानकारी साझा की गई। इस अवसर पर विशेषज्ञों श्रीअमरेश कुमार एवम डॉ. तरुण भाटिया ने “सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन बैंकिंग, फाइनेंस एंड इंश्योरेंस” के बारे में विस्तार से बताया। यह कोर्स विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं: कुल अवधि: 120 घंटे का सघन प्रशिक्षण, कोर्स संरचना: इसे पांच प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है: एटीट्यूड (Attitude) कोर्स: पेशेवर दृष्टिकोण विकसित करना, स्किल (Skills) कोर्स: व्यावहारिक कार्यक्षमता बढ़ाना, नॉलेज (रिटेल बैंकिंग): बैंकिंग कार्यों का विस्तृत अवलोकन, नॉलेज (इंश्योरेंस): बीमा क्षेत्र की गहरी समझ, एप्टीट्यूड (Aptitude): तार्किक और गणनात्मक क्षमता का विकास। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि BFSI (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) क्षेत्र वास्तव में भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और बजाज फिनसर्व के साथ यह सर्टिफिकेट प्रोग्राम छात्रों को इंडस्ट्री के लिए तैयार (Industry-Ready) करने में मील का पत्थर साबित होगा।

मौके पर वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो० कंचन लता सिन्हा, प्रो० वी.एन० गुप्ता, प्रो० सी.एस. नेगी, प्रो० धर्मेंद्र कुमार, डॉ. रीता खत्री, डॉ. गौरव रावत, डॉ. उर्वशी, डॉ. पारस मेहता, डॉ. शिवांगी भाटिया सहित अन्य उपस्थित रहे।
































