धार्मिक क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा बजट : नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज

रायवाला ( राव शहजाद ) । नृसिंह वाटिका आश्रम खांड गांव नंबर एक रायवाला में मंगलवार को संत-महात्माओं की एक संगोष्ठी आयोजित हुई जिसमें संत समाज के लोगों ने बताया कि राज्य सरकार ने जो आज बजट पेश किया है, वह बहुत अच्छा बजट है. यह सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय का बजट है. इस बजट में सभी वर्गों का विशेष ध्यान रखा गया है, खास तौर पर धार्मिक पर्यटन को इस बजट से बढ़ावा मिलेगा । संत समाज में आज के बजट को लेकर अलग ही उत्साह देखा गया और उन्होंने खुशी जाहिर की । सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने बताया कि कल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जो बजट पेश किया है, वह बहुत अच्छा है. बजट में “सबका साथ, सबका विकास” भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है. खास तौर पर यह बजट धार्मिक पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देगा. इससे पुराने मठ-मंदिरों का सौंदर्यीकरण होगा और उनकी देखरेख भी सुनिश्चित होगी. महाराज ने कहा कि भारत का अस्तित्व सनातन धर्म और संत समाज से जुड़ा है. जब कोई भी सरकार सनातन धर्म की रक्षा करेगी और सनातन संस्कृति का संरक्षण करेगी, तभी यह समाज जीवित रह सकता है. जिन लोगों ने अपनी संस्कृति को भुला दिया, वे अस्तित्व विहीन हो गए. ऐसी स्थिति में यदि सरकार अपनी संस्कृति और धर्म के प्रति ध्यान दे रही है, तो यह बहुत सकारात्मक कदम है. मठ-मंदिर समाज के अमूल्य धरोहर है। मानसखंड मंदिर माला मिशन के द्वितीय चरण में 14 मंदिरों के सुदृढ़ीकरण तथा केदारखंड में केदारनाथ,मदमहेश्वर,तुंगनाथ,रुद्रनाथ और कल्पेश्वर में श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास का निर्णय देवभूमि की आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने वाला सराहनीय कदम है। साथ ही महासू देवता हनोल,माणा,टिम्मरसैंण और गुंजी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के विकास हेतु बजट प्रावधान करने पर पर्यटन,धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज का भी हार्दिक आभार जताया। नृसिंह वाटिका आश्रम रायवाला की संचालिका साध्वी मां देवेश्वरी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पेश किया गया यह बजट निश्चित रूप से धार्मिक क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. मठ-मंदिरों का जीर्णोद्धार होगा और उनके प्राचीनत्व तथा पौराणिक महत्व की रक्षा सुनिश्चित होगी. यह कदम देश की सनातन संस्कृति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि इस बजट की जितनी सराहना की जाए, उतनी कम है. धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवा वर्ग पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और राष्ट्र का उत्थान होगा। स्वामी विवेकानन्द गिरीमहाराज ने बताया कि राज्य सरकार का यह बजट सभी के हित में है । खास तौर पर इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और मठ-मंदिरों का कायाकल्प होगा. उनका कहना था कि हमारा सनातन धर्म बहुत पुराना है और हमारे धर्मस्थल पौराणिक महत्व के हैं. यही स्थल समाज और राष्ट्र के विकास और कल्याण का आधार हैं. इस सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जो निर्णय लिया और बजट पेश किया ।

बैठक में महामण्लेश्वर स्वामी बालकानंद सरस्वती, स्वामी अंखंडानंद सरस्वती, स्वामी कृपालु महाराज, स्वामी नित्यानंद गिरी, साध्वी प्रज्ञा भारती, संत विशोकानंद गिरी एवं विभिन्न अखाड़ों से जुड़े संत-महात्मा उपस्थित रहे।
































