राज्यपाल गुरमीत सिंह ने की परमार्थ निकेतन के अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में शिरकत
अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव, परमार्थ निकेतन, 2026 का छठा दिन- वैश्विक एकता, योग और आध्यात्मिकता का ऐतिहासिक संग

ऋषिकेश ( राव शहजाद ) । परमार्थ निकेतन में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव, परमार्थ निकेतन 2026 का छठा दिन एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण का साक्षी बना। आज के इस विशेष अवसर पर राज्यपाल उत्तराखण्ड गुरमीत सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने पूरे महोत्सव को दिव्यता, प्रेरणा और गरिमा से आलोकित किया। आज का दिन वास्तव में अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होने वाला दिन है। विश्व के 80 देशों से आए 1500 योग साधकों, 75 योगाचार्यों, आध्यात्मिक मार्गदर्शकों और प्रतिभागियों के बीच राज्यपाल की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि योग केवल साधना नहीं, बल्कि मानवता को जोड़ने वाला एक वैश्विक सेतु है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती एवं साध्वी भगवती सरस्वती का पावन सान्निध्य, प्रेरणा, आशीर्वाद और मार्गदर्शन भी उपस्थित जनसमूह को निरंतर ऊर्जा और दिशा प्रदान कर रहा है। उनके मार्गदर्शन में परमार्थ निकेतन का यह महोत्सव एक वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन के रूप में विकसित हो चुका है, जो विश्व को शांति, संतुलन और करुणा का मार्ग दिखा रहा है।
अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 के इस विशेष दिन पर विश्व के 11 देशों के माननीय राजदूतों, उच्चायुक्तों और राजनायिकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को वास्तव में अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया। विभिन्न महाद्वीपों का प्रतिनिधित्व करने वाले ये सम्मानित अतिथि आज मां गंगा के पावन तट पर एकत्रित हुए है जो मानवता के साझा मूल्यों, शांति, सद्भाव और आध्यात्मिकता का जीवंत प्रतीक बन गया, जो कहा रहा है कि सम्पूर्ण विश्व एक ही चेतना में समाहित हो गया हो। योग की यह साधना सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से परे जाकर मानवता को एक सूत्र में पिरोने का संदेश दे रही है। आज का दिन वास्तव में योग के उस गहन सत्य को पुनः स्थापित कर रहा था कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आत्मा, समाज और विश्व को जोड़ने वाली दिव्य जीवन पद्धति है। जब विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, आध्यात्मिक आचार्य, युवा विद्यार्थी और योग साधक एक साथ गंगा तट पर एकत्रित हैं, यह दृश्य हमें स्मरण कराता है कि योग के माध्यम से विश्व में एकता, संतुलन और शांति स्थापित की जा सकती है।
परमार्थ निकेतन की यह पावन धरा सदैव से आध्यात्मिक चेतना, सेवा और वैश्विक सद्भाव का केंद्र रही है। आज के इस ऐतिहासिक अवसर पर यह धरा एक बार फिर पूरे विश्व को यह संदेश दे रही है कि जब मानवता योग के मार्ग को अपनाती है, तब विभाजन की दीवारें स्वतः गिरने लगती हैं और एक नई वैश्विक चेतना का उदय होता है। आज के इस दिव्य संगम ने यह सिद्ध कर दिया कि योग केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता की साझा आध्यात्मिक विरासत है। गंगा तट पर उपस्थित हजारों साधकों की सामूहिक साधना, राजनयिकों की गरिमामयी उपस्थिति और आध्यात्मिक गुरुओं के प्रेरक संदेशों ने मिलकर यह उद्घोष किया कि योग के माध्यम से ही विश्व में शांति, संतुलन और करुणा की स्थापना संभव है। अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 का यह ऐतिहासिक दिन आने वाली पीढ़ियों के लिये प्रेरणा का स्रोत होगा जो याद दिलाता रहेगा कि जब दुनिया के विभिन्न कोनों से आए लोग एक साथ बैठकर श्वास लेते हैं, ध्यान करते हैं और भीतर की शांति को खोजते हैं, तब वास्तव में एक नए, शांतिपूर्ण और समरस विश्व की नींव रखी जाती है। एच.ई. फर्नांडो जेवियर बुचेली वर्गास, राजदूत, इक्वाडोरय चांदनी सिंह, एसोसिएट, इक्वाडोर, एच.ई. जुआन कार्लोस मार्सान एगुइलेरा, राजदूत, क्यूबाय एच.ई. मिखाइल कास्को, राजदूत, बेलारूसय सियारहेई त्रात्सियुक, प्रथम सचिव, बेलारूसय अलेक्जान्द्र झित्को, प्रथम सचिव, बेलारूसय सुश्री स्वियातलाना वियारहैइचिक, कौंसुलर, बेलारूसय सुश्री गौडी काल्वो, मंत्री (कौंसुलर), कोस्टा रिकाय एच.ई. सिनिशा पाविच, राजदूत, सर्बियाय एच.ई. दाना पाइउ, चार्ज द’अफेयर्स, मोल्दोवाय सुश्री विक्टोरिया मार्काचेउस्काया, कौंसुलर, सर्बियाय आंद्रेई काश्पर, कौंसुलर, सर्बियाय विक्टर मिगा, प्रथम सचिव, जिम्बाब्वेय सुश्री लूसिया, कौंसुलर, इंडोनेशियाय जुआन कार्लोस रोजास अरांगो, मंत्री (कौंसुलर), सर्बिया जिमटोला, प्रथम सचिव, चाडय एच.ई. धरमकुमार सीराज, उच्चायुक्त, गुयानाय केशव तिवारी, द्वितीय सचिव, गुयानाय सिरीयाक गनवाला, मंत्री (कौंसुलर), कांगोय साइमन सेवन शाफर, सांस्कृतिक कौंसुलर, स्विट्जरलैंडय सुश्री अन्नाबेला चावेज प्रेस्पान, चार्ज द’अफेयर्स, पनामाय सुश्री एडिजा मार्लीन जिमेनेज मोरेनो, चार्ज द’अफेयर्स, पनामाय अतिकलित अतनाफु नरामो, तृतीय सचिव, इथियोपियाय स्यार्गेई नवाझिलाव, कौंसुलर, रूसय श्री याउहेनी उलासेउसकी, कौंसुलर, रूसय सुश्री स्वियातलाना हवारुश्का, कौंसुलरय गणबोल्ड दंबाजाव, राजदूत, मंगोलियाय विनोद सिंह, समन्वयक, भारत, मलकीयत, एयरपोर्ट टीम, भारत, लवप्रीत, एयरपोर्ट टीम, भारत, मनप्रीत, एयरपोर्ट टीम, भारत, संजय मिश्रा, यूरोप एवं एशिया टीम, भारत, नारायण कपूर, यूरोप एवं एशिया टीम, भारतय राघव शाली, यूरोप एवं एशिया टीम, भारतय विपिन सिंह, अफ्रीका एवं अमेरिका टीम, भारत , सुमित अग्रवाल, अफ्रीका एवं अमेरिका टीम, भारत, अदिति, महिला राजनयिक, भारत सोम्या, महिला राजनयिक, भारत आदि विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति।


अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में 80 देशों का सहभाग – अफगानिस्तान, अंगोला, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बांग्लादेश, बेलारूस, बेल्जियम, भूटान, ब्राजील, बुल्गारिया, बुर्किना फासो, कंबोडिया, कनाडा, चाड, चिली, चीन, कोलंबिया, कोस्टा रिका, क्यूबा, डेनमार्क, इक्वाडोर, मिस्र, फिजी, फ्रांस, जॉर्जिया, जर्मनी, घाना, गुयाना, गिनी-बिसाऊ, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, आयरलैंड, इजराइल, इटली, जापान, कजाख़स्तान, कोरिया, किर्गिस्तान, लाओस, मलेशिया, मलावी, मालदीव, मॉरीशस, मेक्सिको, मोल्दोवा, मंगोलिया, मोरक्को, म्यांमार, नामीबिया, नेपाल, न्यूजीलैंड, नाइजर, नाइजीरिया, नॉर्वे, ओमान, पेरू, पुर्तगाल, रोमानिया, रूस, सर्बिया, स्लोवाकिया, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, श्रीलंका, सूरीनाम, स्विट्जरलैंड, सीरिया, ताइवान, ताजिकिस्तान, तंजानिया, थाईलैंड, त्रिनिदाद और टोबैगो, तुर्कमेनिस्तान, यूक्रेन, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, उज्बेकिस्तान, वियतनाम, जाम्बिया और जिम्बाब्वे।
































