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आशा भोसले को जानकी जूला पूर्णानंद घाट महिला गंगा आरती में दी गई श्रद्धांजलि

ऋषिकेश ( राव शहजाद ) । हर संगीत प्रेमी के हृदय में निवास करने वाली आशा भोसले के लिए की गई विशेष जानकी जूला पूर्णानंद घाट महिला गंगा आरती ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट परिवार ने, पूर्णानंद घाट, जानकीपुल में विश्व प्रसिद्ध प्रथम महिला गंगा आरती द्वारा की जा रही गंगा आरती में गंग सबलाओं ने हर संगीत प्रेमी के हृदय में निवास करने वाली आशा भोसले को ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट की ओर से श्रद्धांजलि दी गई। ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिओम शर्मा ज्ञानी जी ने कहा आशा भोसले का नाम भारतीय संगीत इतिहास में बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने अपने करियर में आठ दशकों से भी ज्यादा समय तक संगीत जगत में योगदान दिया है। उन्होंने अपने करियर में तकरीबन 12 हजार से ज्यादा गाना गाए हैं, जिनमें पिया तू अब तो आजा, दम मारो दम, ये मेरा दिल, चुरा लिया है तुमने, इन आंखों की मस्ती के, दिल चीज क्या है जैसे सुपरहिट गाने शामिल हैं। उन्होंने गजल, भजन, पॉप और क्लासिकल हर शैली में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। उन्होंने ओ.पी. नैयर, आर.डी. बर्मन और ए.आर. रहमान के साथ मिलकर कई यादगार गीत दिए। उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार, फिल्मफेयर अवॉर्ड, दादासाहेब फाल्के सम्मान और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। उनकी गिनती दुनिया के सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाले कलाकारों में भी की जाती है। और कहां कहा कि स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर का जाना मतलब एक युग का अंत। लगभग आठ दशकों तक उन्होंने हमारे दिलों पर राज किया। लगभग 10 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत करने वाली आशा भोसले ने 22 भाषाओं में 12 हजार से अधिक गाने गाए। उन्हें संगीत के इतिहास में सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाली कलाकार के तौर पर श्गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से भी पहचान मिली। उनकी कमी कभी कोई पूरी नहीं कर सकता। ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट परिवार आशा भोसले जी के निधन से मन बहुत ही दुखी है। पुण्यात्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। उनका जाना देश और संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना। डॉ ज्योति शर्मा ने कहा कि अपने घर की सबसे बड़ी बेटी, जिनकी आवाज मानो कोयल से भी मीठी, कुछ ही

सालों में आशा भोसले जी की आवाज हर सफल फिल्म की जरूरत बन जाती है। डॉ. ज्योति शर्मा ने कहा सिर्फ आशा भोसले जी का नाम सुनते ही कानों को सुकून मिलता है, जुबान पर मिसरी चढ़ जाती है और दिल उनके गानों के बोल पर धड़कने लगता है। आज आशा भोसले जी हमारे सामने विरासत छोड़कर चली गई हैं। उन्होंने कहा कि भारत को विश्वभर में विशिष्ट पहचान दिलाने वाली आशा भोसले जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनका जाना संपूर्ण कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है, ऋषिकेश गंगा आरती परिवार की ओर से, ईश्वर से दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति की प्रार्थना करते हैं एवं आशा भोसले जी के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले जी को गंगा मैया से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।

ऋषिकेष गंगा आरती परिवार की ओर से, सांयकालीन गंगा आरती में दो मिनट का मौन रखा गया और मां गंगा से दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। मुख्य रूप से महिला गंगा आरती में गंग सबलाओं आचार्य सोनिया, राज पूनम रावत, अंजना उनियाल, पुष्पा शर्मा, वंदना नेगी, गायत्री, एवं प्रमिला ने गंगा आरती विशेष भूमिका अदा की।

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