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बुजुर्ग दुर्व्यवहार दिवस पर कानूनी साक्षरता शिविर किया आयोजित

ऋषिकेश ( राव शहजाद ) । विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार दिवस के अवसर पर न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री नंदिता काला/ तहसील विधिक सेवा समिति सचिव ऋषिकेश के नेतृत्व में वरिष्ठ नागरिकों की कानूनी जरूरतों को पूरा करने के लिए कानूनी साक्षरता शिविर वृद्धावस्था शिविर कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट नंदिता काला ने जागरूक कर बताया की कानूनी नियमों के अनुसार बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार के पांच प्रकार हैं। शारीरिक दुर्व्यवहार – शारीरिक पीड़ा या चोट पहुंचाने के इरादे से किया गया कार्य ।मनोवैज्ञानिक दुर्व्यवहार – भावनात्मक पीड़ा या चोट पहुंचाने वाले कार्य।भौतिक शोषण – बुजुर्ग के धन या संपत्ति का दुरुपयोग। उपेक्षा – वृद्ध व्यक्ति की आवश्यकताओं को पूरा करने में विफलता, यौन हमले। पार्षद एडवोकेट अभिनव सिंह मलिक ने बताया की बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार एकल या बार-बार होने वाली घटना, या उचित कार्रवाई की कमी, किसी भी रिश्ते में घटित हो सकती है, जहाँ विश्वास की उम्मीद होती है, जिससे बुजुर्ग व्यक्ति को चोट या परेशानी होती है। यह वैश्विक सामाजिक मुद्दा बुजुर्गों के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों को प्रभावित करता है, जिसके लिए वैश्विक ध्यान देने की आवश्यकता है, इसके साथ की पार्षद एडवोकेट अभिनव सिंह मलिक ने बुजुर्गजनों से अपील की उन्हें किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या प्रताड़ना सहने की अवश्यकता नहीं है अगर उन के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार हो रहा है तो बुजुर्ग उनसे कभी भी संपर्क कर सकते है उनको निशुल्क कानूनी सहयता प्रदान की जाएगी ।

मौक पर ऋषिकेश न्यायिक मजिस्ट्रेट नंदिता काला, क्षेत्रीय पार्षद एडवोकेट अभिनव सिंह मलिक,प्राविधिक कार्येकर्ता विभा नामदेव, ममता रमोला, दयामनती मिश्रा, अरविन्द भंडारी,न्यायिक विभाग से कल्याण सिंह, ब्रिज मोहन थपलियाल,अजीत राम भट्ट,कृष्णा, कौशलिया, मंजू, कुंती, माया, केदार सिंह, मनोज, अनिल, दिनेश कुमार,मयंक पाल सहित अन्य मोजूर रहे।

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