राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने होनहार छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित

ऋषिकेश ( राव शहजाद ) । पं. ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश के छात्र-छात्राओं ने अपनी बौद्धिक क्षमता और रणनीतिक कौशल का उत्कृष्ट परिचय देते हुए अंतर-महाविद्यालयी शतरंज प्रतियोगिता में शानदार सफलता अर्जित की है। 6 व 7 अक्टूबर 2026 को ओमकारानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (OMIIT), ऋषिकेश में आयोजित दो-दिवसीय प्रतियोगिता में महाविद्यालय की महिला टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विजेता की ट्रॉफी अपने नाम की, वहीं पुरुष टीम ने भी कड़े मुकाबले में बेहतरीन खेल दिखाते हुए उपविजेता का खिताब हासिल किया। इस गौरवमयी उपलब्धि के उपरांत राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने सभी विजेता व उपविजेता छात्र-छात्राओं को अपने निज आवास पर आमंत्रित कर भव्य रूप से सम्मानित किया। इस गरिमामयी अवसर पर नगर निगम ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिता के महिला वर्ग में विभिन्न महाविद्यालयों की कुल 6 टीमों ने प्रतिभाग किया था। पं. ललित मोहन शर्मा परिसर की छात्राओं ने अपनी सूझबूझ और सटीक चालों से सभी टीमों को मात देकर खिताब पर कब्जा जमाया। विजेता टीम में ईशांक चौधरी, कृष्णा, अनुष्का कश्यप, सिमरन तिवारी शामिल रहे। वहीं पुरुष वर्ग में उपविजेता रही टीम में कुल 8 टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। बेहद रोमांचक और रणनीतिक दौर के बाद परिसर के छात्रों ने दमदार खेल का प्रदर्शन कर प्रथम रनर-अप का स्थान सुनिश्चित किया। उपविजेता टीम के सदस्यों में देवेश, सोनू शाह, आदित्य नेगी, पीयूष गुप्ता, राहुल आर्य थे। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शतरंज एकाग्रता, दूरदर्शिता और सही समय पर सही निर्णय लेने की कला सिखाता है। बालिकाओं का शीर्ष स्थान प्राप्त करना पूरे क्षेत्र और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक सशक्त संदेश देता है।
ऋषिकेश मेयर शंभू पासवान ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अभ्यास के साथ भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराने के लिए प्रेरित किया। मौके पर सुरेंद्र नौरियाल, डॉ. शशि कंडवाल सहित अन्य उपस्थित रहे
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