ग्राम प्रधान ने दीपावली पर लगने वाली अस्थायी दुकानों को लेकर छावनी प्रशासन के समक्ष उठाई मांग

रायवाला ( राव शहजाद ) । दीपावली पर्व पर स्थानीय व्यापारियों एवं छोटे दुकानदारों को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम प्रधान प्रतीतनगर राजेश जुगलान ने रायवाला छावनी प्रशासन के समक्ष अस्थायी दुकानें लगाने की अनुमति देने का मुद्दा पूरी मजबूती से उठाया। ग्राम प्रधान ने छावनी प्रशासन को पत्र भेजकर 5 नवंबर से 8 नवंबर तक सीमित अवधि के लिए अस्थायी दुकानें लगाने की अनुमति देने का अनुरोध किया था, लेकिन सुरक्षा संबंधी कारणों का हवाला देते हुए छावनी प्रशासन ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।ग्राम प्रधान राजेश जुगलान ने कहा कि दीपावली का त्योहार छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए सालभर की उम्मीद लेकर आता है। व्यापारी पूरे साल दीपावली के त्योहार का इंतजार करते हैं, ताकि अस्थायी दुकानें लगाकर कुछ अतिरिक्त आमदनी कर सकें और अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा कर सकें। ऐसे में इस बार छावनी प्रशासन के सख्त रुख से इन व्यापारियों को गहरी निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा क्षेत्र सैनिक बाहुल्य क्षेत्र है। रायवाला सैन्य छावनी के साथ-साथ यहां के ग्रामीण भी सुरक्षा संबंधी नियमों और सैन्य अनुशासन का हमेशा सम्मान करते आए हैं। क्षेत्र के अनेक परिवारों की सैन्य पृष्ठभूमि रही है और ग्रामीण राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व को भली-भांति समझते हैं। ग्राम प्रधान ने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा अस्थायी दुकानों की अनुमति मांगने का उद्देश्य किसी भी सुरक्षा व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए गरीब ग्रामीणों और छोटे व्यापारियों को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराना था।
ग्राम प्रधान ने कहा कि उन्होंने व्यापारियों और ग्रामीणों के हितों को ध्यान में रखते हुए छावनी प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखा और सीमित दिनों के लिए अनुमति देने का आग्रह किया। यदि प्रशासन थोड़ी सी रियायत देते हुए निर्धारित स्थान पर सुरक्षा नियमों के अनुरूप दुकानें लगाने की अनुमति प्रदान करता, तो इससे छोटे व्यापारियों, गरीब दुकानदारों और स्थानीय बाजार सभी को लाभ मिलता है ।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते ग्रामीणों और व्यापारियों के हितों की आवाज संबंधित प्रशासन तक पहुंचाना उनका दायित्व है। उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में इस विषय पर सकारात्मक विचार किया जाएगा, ताकि त्योहारों के अवसर पर स्थानीय लोगों की आजीविका और स्वरोजगार के अवसर प्रभावित न हों।
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