रामेश्वर सेतु स्थापना और रावण-अंगद संवाद ने मोहा दर्शकों का मन

रायवाला ( राव शहजाद ) । लोक कल्याण समिति, प्रतीतनगर, रायवाला (रजि.) के तत्वावधान में आयोजित पंचम श्री रामलीला महोत्सव में रविवार को रामेश्वर सेतु स्थापना, रावण-अंगद संवाद एवं लक्ष्मण शक्ति बाण के प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों के शानदार अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं लक्ष्मण को शक्ति बाण लगने के बाद भगवान श्रीराम और वानर सेना के करुण विलाप का दृश्य इतना भावुक कर देने वाला रहा कि सैकड़ों दर्शकों की आंखें नम हो गई। श्री रामलीला महोत्सव के मुख्य मंच उद्घोषक एवं समिति प्रवक्ता विरेन्द्र नौटियाल ने बताया कि रविवार की लीला में कलाकारों ने रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का सजीव मंचन कर दर्शकों को धर्म, मर्यादा और भक्ति का संदेश दिया।
मंचन में दर्शाया गया कि माता सीता का पता चलने के बाद भगवान श्रीराम के नेतृत्व में वानर एवं भालू सेना लंका पर चढ़ाई के लिए प्रस्थान करती है। समुद्र द्वारा मार्ग न दिए जाने पर श्रीराम क्रोधित होकर अपने अग्निबाण का संधान करते हैं। इसके बाद समुद्र देव प्रकट होकर नल-नील की विशेषताओं से अवगत कराते हैं। नल-नील के सहयोग से समुद्र पर सेतु का निर्माण किया जाता है। इसके पश्चात भगवान श्रीराम रामेश्वरम में भगवान शिव की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और पूरी सेना सेतु पार कर लंका पहुंचती है।
लंका पहुंचने के बाद युद्ध टालने और माता सीता को सम्मानपूर्वक वापस लाने के उद्देश्य से भगवान श्रीराम अंगद को दूत बनाकर रावण के दरबार में भेजते हैं। अंगद रावण को अधर्म का मार्ग छोड़कर माता सीता को वापस लौटाने की सलाह देते हैं, लेकिन अहंकार में डूबा रावण उनकी बात मानने से इनकार कर देता है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच भीषण युद्ध आरंभ हो जाता है। युद्ध के दौरान मेघनाद शक्ति बाण का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। लक्ष्मण को अचेत देखकर भगवान श्रीराम और पूरी वानर सेना शोक में डूब जाती है। इस मार्मिक दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद सुषेन वैद्य के परामर्श पर हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने के लिए प्रस्थान करते हैं। संजीवनी बूटी की सहायता से सुषेन वैद्य लक्ष्मण को पुनः स्वस्थ कर देते हैं, जिसके बाद युद्ध फिर से आरंभ हो जाता है। अतिथियों को राम दरबार की माला एवं स्मृति चिह्न भेंट कर किया सम्मानित । इस अवसर पर समिति की ओर से मुख्य अतिथि रोशन रतूड़ी, पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका मुनिकी रेती, अति विशिष्ट अतिथि प्रतीक कालिया शर्मा, महामंत्री नगर उद्योग व्यापार मंडल एवं महामंत्री भाजपा ऋषिकेश, मां गंगा रामलीला समिति (रजि.), 14 बीघा मुनि की रेती, रावण की भूमिका निभाने वाले कलाकार एवं महादेव डेयरी के स्वामी प्रसिद्ध पंडित तथा ज्वालपा देवी कीर्तन मंडली, प्रतीतनगर को राम दरबार की माला एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने समिति द्वारा आयोजित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन की सराहना करते हुए आयोजन की सफलता के लिए समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।कलाकारों के शानदार अभिनय ने जीता दर्शकों का दिल
रामलीला में श्रीराम की भूमिका सौरभ चमोली, माता सीता की भूमिका प्रिंस, लक्ष्मण की भूमिका चंद्रमणि शर्मा, हनुमान की भूमिका आशीष सेमवाल, रावण की भूमिका सचिन गौड़, विभीषण की भूमिका सन्नी, इंद्रजीत की भूमिका सूरज चमोली, अंगद की भूमिका पार्थ, जामवंत की भूमिका तीर्थ सिंह, सुषेन वैद्य की भूमिका कृष्णा तथा कालनेमि की भूमिका नरेश थपलियाल ने निभाई। सभी कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।

मौके
पर मुख्य मंच उद्घोषक एवं समिति प्रवक्ता विरेन्द्र नौटियाल , मुख्य एवं वरिष्ठ निर्देशक महेंद्र सिंह राणा, समिति अध्यक्ष गंगाधर गौड़, उपाध्यक्ष बालेन्द्र सिंह नेगी, सचिव नरेश थपलियाल, कोषाध्यक्ष मुकेश तिवाड़ी, अंजू बड़ोला, राजेंद्र प्रसाद रतूड़ी, सुनील तिवाड़ी, सिकन्दर, रोहित धमाका, आयुष, नवीन चमोली, आशीष उनियाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
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