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अधिवक्ता सूरत सिंह कोहली को मिली ऋषिकेश महानगर अध्यक्ष एस.सी. प्रकोष्ठ की कमान

ऋषिकेश । महानगर अध्यक्ष एड. राकेश सिंह के संचालन में रेलवे रोड स्थित कांग्रेस भवन में एक बैठक आयोजित की गई । जिसमें प्रदेश अध्यक्ष एस.सी. प्रकोष्ठ मदन लाल ने कहा कि अधिवक्ता सूरत सिंह कोहली को महानगर अध्यक्ष एस.सी. प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी सौंपी है जिनका कांग्रेस भवन में उपस्थित कांग्रेसजनों ने तालियों के साथ स्वागत किया और नवनियुक्त महानगर अध्यक्ष को माला पहनाकर बधाई देते हुए कहा कि कोहली जी एक पढ़े लिखे एवं सुलझे हुए व्यक्ति हैं मुझे आशा है कि कोहली जी अपने इस जिम्मेदारी को बहुत अच्छे से निभाएंगे । पूर्व कबीना मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण और पीसीसी जयेंन्द्र रमोला ने भी सूरत सिंह कोहली जी को माला पहना कर बधाई दी और यह आशा जताई कि वह अपनी जिम्मेदारी को वहन करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे तथा कांग्रेस को और मजबूत बनाने के हर सम्भव प्रयास करेंगे l

इसके साथ ही उन्होंने भाजपा द्वारा महिला आरक्षण के नाम पर जो कुछ संसद में हुआ उस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह राष्ट्र के नाम संबोधन नहीं, सरकारी खर्च पर चुनावी भाषण था यह विशेषाधिकार का दुरुपयोग है
प्रधानमंत्री होने के नाते नरेंद्र मोदी जी को यह अधिकार तो है कि वे जब चाहें राष्ट्र को संबोधित कर लें।
लेकिन यह राष्ट्र से जुड़े किसी संकट, किसी समस्या या किसी उपलब्धि पर ही होता आया है।
पहली बार हुआ है कि एक प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन के नाम पर विपक्षी दलों को कोसने के लिए इस विशेषाधिकार का दुरुपयोग किया।
टेलिप्राम्टर लगाकर विपक्ष को कोसना था तो इसे राष्ट्र के नाम संदेश का नाम नहीं दिया जाना चाहिए था ।
लेकिन समस्या यह है कि अगर इसे वे ‘राष्ट्र के नाम संदेश’ का नाम नहीं देते तो सरकारी खर्च पर इतना बड़ा चुनावी भाषण नहीं दे पाते
और विपक्षी दलों को कोसना भी था तो थोड़ा तथ्यपरक बातें कर लेते, यह तो झूठ का पुलिंदा था, बेसिरपैर की बातें थीं. अनर्गल प्रलाप था. एक ही वाक्य का दर्जनों बार दोहराव था।
ठीक है कि आपके विधेयक के गिर जाने से आपको सदमा पहुंचा है प्रधानमंत्री जी. लेकिन यह तो आप जानते थे कि आपकी मंशा दरअसल महिलाओं को आरक्षण देने की नहीं थी, अगले चुनाव में भाजपा के लिए बिसात बिछाने की थी।
आप बता क्यों नहीं रहे हैं कि महिलाओं को संसदीय चुनाव में आरक्षण देने का विधेयक तो दरअसल 20 सितंबर, 2023 को ही पारित हो चुका है।


न देश का संविधान यह कहता है न संसदीय नियम क़ायदे कहते हैं कि किसी पारित विधेयक को फिर से पारित करना पड़े, आप किसी पारित विधेयक में संशोधन चाहे कर सकते हैं लेकिन यह तो उस विधेयक में संशोधन करने वाला विधेयक भी नहीं था । आप झूठ बोल रहे हैं, प्रधानमंत्री , अमित शाह झूठ बोल रहे हैं, आपकी पूरी पार्टी झूठ बोल रही है। आपकी मंशा महिलाओं को अधिकार देने की नहीं है, महिलाओं को बरगलाने और बहलाने की है, महिलाएं इस बात को बखूबी समझतीहैं। मौके पर मदन मोहन शर्मा, बैसाख सिंह पयाल, चंदन पंवार, ललित मोहन मिश्रा, धर्मपाल, पार्षद भगवान सिंह पंवार सरोजिनी थपलियाल, सूरत सिंह कोहली, राजेंद्र कोठारी, मदन शर्मा, अशोक शर्मा, संजय भारद्वाज, राजेश शाह, भूपेंद्र राणा, जगजीत सिंह, मुकेश जाटव, जतिन जाटव, जगजीत सिंह, हिमांशु जाटव, हिमांशु कश्यप, मानव रावत, गंभीर सिंह, उम्मेद सिंह, रणजीत सिंह, अनिल सिंह, आदित्य झा अन्य उपस्थित रहे l

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