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सुर-ताल की जुगलबंदी, माँ कुंजापुरी मेले में प्रियंका मेहर और हेमा नेगी की आवाज का जादू

नरेंद्रनगर । सिद्धपीठ मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की छठी सांस्कृतिक संध्या उत्तराखंडी लोक संगीत के रंग में सराबोर रही। प्रदेश की सुप्रसिद्ध लोक गायिका प्रियंका मेहर और प्रख्यात जागर गायिका हेमा नेगी करासी ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से हजारों दर्शकों का मन मोह लिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में दर्शक थिरकते रहे।
भव्य सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। उन्होंने कहा कि कुंजापुरी मेला हमारी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर का प्रतीक है और ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ते हैं।
संध्या की शुरुआत प्रियंका मेहर ने की। उन्होंने ‘फूल खिलाला’, ‘रम झमा’, ‘मैत वाली दिसा’, ‘घूमू घालू’ और ‘लडका कुमाऊँ को’ सहित गढ़वाली-कुमाऊंनी मैशअप गाकर युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इसके बाद हेमा नेगी करासी ने मां कुंजापुरी के भक्तिमय भजनों और पारंपरिक आछरी जागरों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उन्होंने ‘सोबनु’, ‘मेरी बामणी’, ‘कांचनी कैलाश’, ‘नंदा के जगराते’ और ‘घस्यारी’ जैसे लोकप्रिय गीतों से खूब तालियां बटोरीं है ।

मौके पर पालिकाध्यक्ष एवं मेला अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पवार, महेश गोसाईं, द्वारिका प्रसाद जोशी, प्रकाश चंद्र रमोला, सभासद साकेत बिजल्वाण, सचिन भंडारी, ममता, आशा, विनीता, रवि नेगी सहित नगर पालिका के पदाधिकारी, मेला समिति सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।

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