मेरे सपनों का भारत और विकसित भारत 2047 विषय पर की प्रतियोगिता आयोजित

ऋषिकेश ( राव शहजाद )। ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल में मेरे सपनों का भारत और विकसित भारत 2047 विषय पर एक भव्य प्रतियोगिता कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया । बुधवार को कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों के गरिमामयी स्वागत से हुआ। विद्यालय के सचिव कैप्टन सुमंत डंग, महिमा डंग एवं प्रधानाचार्या बिंदु शर्मा ने आमंत्रित मुख्य अतिथियों—महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष (टिहरी गढ़वाल) सीमा बिजलवान एवं जिला उपाध्यक्ष (टिहरी गढ़वाल) प्रेमदत्त सेमवाल—का पारंपरिक रूप से माला पहनाकर भावभीना स्वागत किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ कक्षा छठी से ग्यारहवीं कक्षा के छात्र छात्राओं द्वारा रंगोली प्रतियोगिता,पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर किया गया। सभी छात्र -छात्राओं ने “मेरे सपनों का भारत एवं विकसित भारत २०४७” को अपनी रंगोली प्रदर्शन व चित्र कलाओं द्वारा सभी उपस्थित मुख्य अतिथियों के समक्ष प्रस्तुत किया साथ ही ऐसे भारत की परिकल्पना प्रस्तुत की, जो आर्थिक रूप से सशक्त, सामाजिक रूप से समावेशी, तकनीकी रूप से सक्षम और पर्यावरण की दृष्टि से सतत हो। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीमा बिजलवान ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए सफल आयोजन हेतु विद्यालय के सचिव कैप्टन सुमंत डंग एवं प्रधानाचार्या बिंदु शर्मा का विशेष आभार व्यक्त किया।
विद्यालय सचिव कैप्टन सुमंत डंग ने सभी अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास, महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण विकास, डिजिटल समावेशन और पर्यावरण संरक्षण ही समावेशी विकास के मुख्य स्तंभ हैं। युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा कि आज की युवा पीढ़ी नवाचार (Innovation), कौशल विकास (Skill Development), उद्यमिता (Entrepreneurship) और वैज्ञानिक सोच (Scientific Temperament) के बल पर देश के विकास में ऐतिहासिक योगदान दे सकती है। अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या बिंदु शर्मा ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका असली उद्देश्य समाज के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ, रोज़गार के अवसर, सुरक्षित वातावरण और समान अवसर उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी अपने सपनों के भारत के विचार साझा किए।


उन्होंने कहा कि ऐसा भारत बनना चाहिए जहाँ विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहें। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण के प्रति सामूहिक संकल्प लिया है ।
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