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पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के साथ बंग्लादेशी की 24 वर्षीय महिला को किया गिरफ्तार

ऋषिकेश । स्थानीय अभिसूचना इकाई ऋषिकेश से गोपनीय एवं विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई कि एक बंग्लादेशी महिला को अवैध रूप से भारत में निवास कर रही है। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के नेतृत्व व पुलिस क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश के निकट पर्यवेक्षण में घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम गठन किया गया। गठित टीम ने महिला की गिरफ्तारी के लिए क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर नटराज चौक क्षेत्र से डग रोड स्थित गेट नंबर 3 के पास संदिग्ध महिला घेराबंदी की और पुछताछ की। पूछताछ में महिला ने अपना नाम रीना उर्फ रीता उम्र 24 वर्ष, निवासी जिला सरियातपुर, ढाका (बंग्लादेश) बताया। विस्तृत पूछताछ में महिला द्वारा स्वीकार किया कि वह लगभग एक माह पूर्व एक व्यक्ति “रिपोन” के माध्यम से अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर यहां रह रही थी। उक्त व्यक्ति ने उसे सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर भारत में रोजगार दिलाने का प्रलोभन दिया था। 13 अप्रैल को दिल्ली से ऋषिकेश का बस टिकट दिया था। पूछताछ में यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि अभियुक्ता द्वारा पश्चिम बंगाल में फर्जी कागजात तैयार कर आधार कार्ड बनवाया गया, जिसका उपयोग भारत में अपनी पहचान छुपाने के लिए किया जा रहा था। उक्त कृत्य भारत में अवैध प्रवेश, फर्जी दस्तावेजों का उपयोग एवं संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्तता को दर्शाता है, जिसके संबंध में अभियुक्ता के खिलाफ कोतवाली ऋषिकेश में मु0अ0स0-143/26 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS), पासपोर्ट अधिनियम 1967 की धारा 3 तथा विदेशी/आव्रजन अधिनियम 2025 की धारा 14 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक भरत सिंह रावत, उपनिरीक्षक अरविन्द पंवार, हेड कांस्टेबल LIU अंकुर कुमार, विचित्र वत्स, हेड कांस्टेबल ईश कुमार, कांस्टेबल तेजपाल व महिला कांस्टेबल मित्रा शामिल थे।

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