Blog

डीएम पौड़ी ने फिल्ट्रेशन और सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

पौड़ी ( राव शहजाद ) । जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में शुक्रवार को अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में विभिन्न नगर क्षेत्रों में चल रही योजनाओं की प्रगति, सर्वेक्षण, डीपीआर निर्माण तथा जलापूर्ति व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गयी। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने योजनाओं के सर्वेक्षण, डीपीआर, ग्रैविटी सिस्टम, इंटेक वेल, पंप हाउस तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी लेते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि अमृत 2.0 योजना का उद्देश्य सभी शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक नल से स्वच्छ पेयजल की सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करते हुए शहरों को जल-सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाना है।अधिकारियों ने बैठक में विभिन्न पेयजल योजनाओं से अवगत कराते हुए बताया कि दुगड्डा पंपिंग पेयजल योजना का कार्य प्रारंभ हो चुका है, जिसके पूरा होने पर नगर पंचायत दुगड्डा क्षेत्र में नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। स्वर्गाश्रम-जोंक पेयजल आपूर्ति योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। थलीसैंण पेयजल योजना का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि सतपुली पेयजल योजना के शेष कार्यों में तेजी लायी जा रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि अमृत 2.0 के अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाएं नगरीय क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के जलस्रोतों का भूजल वैज्ञानिकों से निरीक्षण कराया जाए तथा दीर्घकालिक जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जल स्रोतों के संरक्षण, स्रोत संवर्धन एवं भूजल पुनर्भरण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए। उन्होंने जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी और सतत जल उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया। बैठक में पौड़ी पंपिंग पेयजल योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों द्वारा आगामी 31 अगस्त तक योजना को पूर्ण करने की जानकारी दी गयी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पेयजल वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए वितरण लाइनों के गुच्छों (क्लस्टर) का वैज्ञानिक ढंग से सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाने के लिए वितरण लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर सुव्यवस्थित किया जाए, ताकि अंतिम छोर तक निर्बाध और समान रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी ने जल संस्थान एवं जल निगम को निर्देशित किया कि नगर क्षेत्रों से सटे ऐसे गांव, जिन्हें अमृत 2.0 योजना से जोड़ा जा सकता है, वहां आपसी समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ मिल सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, अधीक्षण अभियंता मो. मिशम, प्रवीण सैनी, अधिशासी अभियंता टी.एस. रावत, सुभाष चंद्र भट्ट सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

[banner id="1202"]

Related Articles

Back to top button