पाण्डवाज बैंड की धुनों पर गूंजा कुंजापुरी मेला, मंत्री सुबोध ने सांस्कृतिक विरासत को बताया रोजगार का माध्यम

नरेंद्रनगर । ऐतिहासिक मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या पाण्डवाज बैंड के नाम रही। बैंड ने पारंपरिक पहाड़ी संगीत और आधुनिक धुनों के संगम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत निर्देशक ईशांत डोभाल के नेतृत्व में बैंड के कलाकारों ने ‘राधा’, ‘म्योलड़ि’, ‘तिलगा’, ‘धाना’, ‘साम्ळौ’, ‘दारी अगास’, ‘जीतू बगड़वाल’ और ‘धुँयाल़’ जैसे गीतों की प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक ढोल-दमाऊ की थाप पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे। मुख्य गायिका अनन्या डोभाल और गायक दीपक रावत ने भी प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मां कुंजापुरी मेला धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ ही स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मेले के जरिए लोक संस्कृति को नई पहचान देने और स्थानीय लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में मेला समिति और कैबिनेट मंत्री ने पाण्डवाज बैंड के कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मेले में बड़ी भीड़ उमड़ने से स्थानीय व्यापारियों में उत्साह है। व्यापारी सुरेंद्र पुंडीर ने बताया कि भीड़ से दुकानदारों, होटल व्यवसायियों और स्टॉल संचालकों को लाभ मिल रहा है। सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने पर्याप्त इंतजाम किए थे।



इस अवसर पर नगर पालिकाध्यक्ष एवं मेला अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार, सभासद साकेत बिजल्वाण, सचिन भंडारी सहित मौजूद थे।
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