महापौर ने त्रिवेणी घाट नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का किया औचक निरीक्षण

ऋषिकेश। नगर निगम ऋषिकेश महापौर शम्भू पासवान ने विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के अभियंताओं के साथ त्रिवेणी घाट पर संचालित नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों एवं अभियंताओं से परियोजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही निर्माण कार्यों के ब्लूप्रिंट एवं 3डी लेआउट का अवलोकन कर विभिन्न निर्माण कार्यों की तकनीकी एवं व्यावहारिक स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि घाट के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने तथा भविष्य में भू-कटाव की समस्या से बचाव के लिए 8.5 मीटर ऊंची रिटेनिंग वॉल, एक मीटर मोटी राफ्ट एवं पीसीसी फाउंडेशन का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश द्वार, सीढ़ियों एवं रैंप का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों को भी घाट तक पहुंचने में सुगमता रहेगी। परिसर में महिला एवं पुरुषों के लिए पृथक शौचालय ब्लॉक तथा पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से लैंडस्केपिंग एवं पौधारोपण के लिए ग्रीन जोन भी विकसित किए जा रहे हैं। महापौर शम्भू पासवान ने अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए तथा आगामी कुम्भ मेले में होने वाले विभिन्न स्नानों से पूर्व श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े अधिकांश कार्य हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं।
उन्होंने कहा कि त्रिवेणी घाट ऋषिकेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है, जहां वर्षभर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में घाट का नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण इस प्रकार किया जाना चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ ही ऋषिकेश की धार्मिक गरिमा और सुंदरता में भी वृद्धि हो।
महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप किए जाएं। साथ ही निर्माण के दौरान गंगा नदी के प्राकृतिक प्रवाह, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाए।

उन्होंने कहा कि नगर निगम का प्रयास है कि त्रिवेणी घाट को आधुनिक सुविधाओं से युक्त, स्वच्छ, सुंदर एवं सुव्यवस्थित धार्मिक स्थल के रूप में विकसित किया जाए, जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
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