रायवाला में 25 करोड़ रुपये की लागत से होगा निराश्रित गोवंश आश्रय केंद्र का निर्माण होगा

ऋषिकेश ( राव शहजाद )। ऋषिकेश को आधुनिक और सुंदर शहर बनाने की दिशा में महापौर शम्भू पासवान द्वारा विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। महत्वपूर्ण विकास प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने के बाद अब इन योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम शुरू हो गया है। नगरनिगम कार्यालय में आज आयोजित पत्रकार वार्ता में महापौर शम्भू पासवान ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि स्वीकृत योजनाओं में आधे से अधिक कार्य धरातल पर पहुंच चुके हैं, जबकि शेष कार्यों को भी जल्द शुरू कर पूरा कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चंद्रभागा नदी पर प्रस्तावित पुल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस पुल के बनने से रामझूला, जानकी झूला और लक्ष्मण झूला क्षेत्र में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। धार्मिक आयोजनों, विशेषकर यात्रा सीजन और कुंभ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान आवागमन सुगम बनाने में यह पुल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि कुभं मेला 2027 शुरू होने से पहले यह सभी विकास कार्य पूरे किए जाऐंगे। बताया कि निगम क्षेत्र मैं सड़कों, सीवर लाइनों व भूमिगत विद्युत लाइनों का कार्य किया जा रहा है। बताया कि शहर में आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए रायवाला में 25 करोड़ रुपये की लागत से निराश्रित गोवंश आश्रय केंद्र का निर्माण किया जाएगा। जिसके पहले 5 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, मगर अब इसका बजट 25 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। जिसके लिए जमीन उपलब्ध हो गई है। इस केंद्र के बनने से सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या से निजात मिलेगी और शहर की यातायात व्यवस्था भी सुरक्षित होगी।

जिसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। महापौर ने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य तीर्थनगरी ऋषिकेश को स्वच्छ, सुंदर, व्यवस्थित और पर्यटक-अनुकूल बनाना है।
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