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सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा से मिलती है सुख, समृद्धि और आरोग्यता — नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज

रायवाला ( राव शहजाद ) । लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा की शुरुआत आज नहाए खाए से हुआ।छठव्रतियों ने स्नान ध्यान के बाद अपने अपने घरों में पवित्रता और शुद्धता के साथ चावल,चना की दाल तथा लौकी की सब्जी बनाकर प्रसाद ग्रहण करके चार दिवसीय व्रत की शुरुआत की है । नृसिंह वाटिका आश्रम रायवाला के परमाध्यक्ष नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने बताया कि रायवाला,श्यामपुर, वीरभद्र और ऋषिकेश के पूर्वांचल परिवारों में आज नहाए खाए के साथ ही महापर्व छठ पूजा की शुरुआत हो गयी और अगले मंगलवार सूर्योदय तक यह महान जन कल्याणकारी तथा पर्यावरण के लिए समर्पित महाव्रत चलेगा।कल रविवार को सायंकाल खरना का प्रसाद होगा जिसमे श्रद्धालुगण छठव्रतियों के यहाँ पहुँचकर अपने मनोकामना के पूर्ण होने के कामना के साथ पवित्रता के साथ खरना के प्रसाद में देशी घी लगी गेहूँ के आटा की रोटी और गाय के दूध में चावल तथा गुड़ की बनी हुई खीर ग्रहण करेंगे।सोमवार को सायंकाल डूबते सूर्य को अर्घ्य तथा मंगलवार को सुबह उगते सूर्य के अर्घ्य के साथ व्रत पूर्ण होगा और छठव्रती पारण के बाद सभी को शुभकामना के साथ प्रसाद वितरित करेंगे।दीपावली के साथ ही पूर्वांचल परिवार के घरों में स्वच्छता और सात्विकता की दिनचर्या बनी रहती है और छठ मैया के लोकगीत का मधुर संदेश गूँजने लगता है।

छठ व्रत शास्त्रीय महत्व बताते हुए रसिक महाराज ने बताया कि छठ व्रत में सभी के लिए सुख,समृद्धि और आरोग्यता की कामना की जाती हैं।इस महापर्व से सच्चे अर्थ में वसुधैव कुटुंबकम् और पर्यावरण के संरक्षण का संदेश मिलता है।

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