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मुख्यमंत्री धामी ने तीन दिवसीय द बीटल्स द गंगा फेस्टिवल का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया

 

ऋषिकेश । परमार्थ निकेतन में तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन लिविंग वाटर फार आल का आयोजन ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस और लिविंग पीस प्रोजेक्ट्स के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। लिविंग वाटर फार ऑल सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी , परमार्थ निकेेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती , वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल , जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती , अध्यक्ष लिविंग पीस प्रोजेक्ट्स, नीदरलैंड ब्रिजिट मेडेलीन वैन बेरेन, अध्यक्ष मदरसा बोर्ड, उत्तराखंड मुफ्ती शमून कासमी , विभिन्न देशों से आये प्रतिभागियों ने दीप प्रज्वलित कर उद्धघाटन किया । मुख्यमंत्री धामी , अतिथियों प्रतिभागियों ने ‘वॉटर स्प्रिंग्स’ पुस्तक का अवलोकन किया। वाॅटर स्प्रिंग्स पुस्तक में विश्व के विभिन्न देशों के धर्मगुरूओं ने अपने देश, महाद्वीप एवं उपमहाद्वीप में बहने वाली नदियों के महत्व, उद्गम, स्वच्छता और संरक्षण के विषय में सारगर्भित विचार प्रस्तुत किये। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि बच्चों के लिये शिक्षा बहुत जरूरी है परन्तु उन्हें कैसे शिक्षित करें इसका चिंतन अत्यंत आवश्यक है। भारत ने पूरे विश्व को विज़डम दिया, पीस (शान्ति) का संदेश दिया। सदैव ही पीसेज़ नहीं बल्कि पीस में रहने का संदेश दिया। भारत बांटने की नहीं बल्कि जोड़ने की संस्कृति; योग की संस्कृति पर विश्वास करता है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती कहा कि नो वाटर-नो लाइफ! वाटर इज लाइफ, लाइफ इज वाटर और लाइफ इन वाटर इन तीनों का बड़ी ही खूबसूरती से वर्णन किया। स्वामी ने कहा कि सनातन संस्कृति में हम अपने पांच तत्वों की ईश्वर तुल्य पूजा अर्चना करते हैं। हमारे शरीर में जल सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है इसलिये हमें वाटर के पाॅवर को समझना होगा। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी जी ने कहा कि जल के कारण ही यह ब्रह्माण्ड अमन का दिव्य स्थल है। जल के कारण ही हमारे चेहरे पर मुस्कान है और घरों में खुशहाली है। उन्होंने कहा कि मदरसों और शिवालयों से विविधता में एकता का संदेश प्राप्त होता है। सनातन संस्कृति सदा से है और सीधी चली आ रही है इसलिये वह कभी अंधकार में नहीं ले जा सकती और इस्लाम में भी यही कहा गया है। उन्होंने कहा कि गाय हमारे बच्चों को पोषण देती है, हिमालय हमें जीवन देता है और नदियां हमें जल प्रदान करती है इसलिये इनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है । मौके पर विधायक यमकेश्वर रेनू बिष्ठ ,  मेयर ऋषिकेश अनिता ममगई ,  नगर पंचायत जौंक माधव अग्रवाल , रीमा, बरूची मिश्रा, बोर्ड मेंबर, डेनिलो तुर्क (जल और शांति पर वैश्विक उच्च स्तरीय पैनल के अध्यक्ष), आर्कबिशप थाबो मक्गोबा, अव्राहम सोएटेन्डोर्प, बहन जयंती, विकास चतुवेर्दी, भारत, जल से संबंधित डच सहयोग, गंगा नन्दिनी त्रिपाठी, मनीषा शर्मा, अनिता नाईक, उपासना, जैमा, राकेश अन्य मौजूद रहे।

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