एम्स ऋषिकेश ने शुरू की राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने की पहल

ऋषिकेश ( राव शहजाद ) । एम्स द्वारा राजभाषा हिंदी के प्रगामी प्रयोगों को बढ़ावा देने की दिशा में विभिन्न महत्वपूर्ण पहलें की जा रही हैं। जिससे राजभाषा की उत्तरोत्तर वृद्धि में सतत योगदान सुनिश्चित किया जा सके। संस्थान प्रशासन द्वारा कार्यालयी कार्यों एवं दैनिक गतिविधियों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने हेतु इस दिशा में अनेक नवाचारात्मक कदम उठाए गए हैं। संस्थान की निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह के दिशा-निर्देशों के क्रम में उप निदेशक (प्रशासन) ले. कर्नल गोपाल मेहरा तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी (राजभाषा) मुकेश पाल के मार्गदर्शन में हिंदी सेल की ओर से संस्थान परिसर में डिजिटल बोर्डों पर हिंदी वाक्यों एवं संदेशों का नियमित प्रदर्शन प्रारंभ किया गया है, जिससे कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आगंतुकों में हिंदी भाषा के प्रति जनजागरूकता एवं अपनत्व की भावना विकसित हो सके। इसके अतिरिक्त संस्थान में विभिन्न स्थानों पर हिंदी के प्रेरणादायक वाक्यों एवं राजभाषा संबंधी बैनरों को स्थापित किया जा रहा है, ताकि हिंदी के प्रगामी प्रयोगों को बढ़ावा मिल सके। राजभाषा के सतत विकास के लिए किए जा रहे उक्त कार्यों में संस्थान के हिंदी सेल में कार्यरत वरिष्ठ हिंदी अधिकारी (वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी) शशि यादव, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी नीरज कुमार वर्मा तथा सुश्री स्वाति कैंतुरा अपना योगदान दे रहे हैं।
बताया गया है कि हिंदी सेल द्वारा संस्थान में प्रतिदिन व्हाइट बोर्ड पर हिंदी में सुविचार लिखने की नई पहल प्रारंभ की गई है। इस प्रयास का उद्देश्य कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के बीच हिंदी भाषा के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है। इसके अतिरिक्त संस्थान के सभी कर्मचारियों को हिंदी में हस्ताक्षर करने हेतु प्रेरित किया जा रहा है तथा संस्थान के लेटर हेड एवं कार्यालयी मुहरों के मानकीकरण की दिशा में भी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है, जिससे राजभाषा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

एम्स, ऋषिकेश राजभाषा हिंदी के संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी हिंदी के प्रगामी प्रयोगों को बढ़ावा देने हेतु ऐसे प्रयास सततरूप से जारी रखे जाएंगे।
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