Blog

विश्व जूनोसिस दिवस पर रेड फोर्ट इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में किया जागरूकता आयोजन

ऋषिकेश । विश्व जूनोसिस दिवस के अवसर पर रेड फोर्ट इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, ऋषिकेश में विद्यार्थियों के लिए “जूनोसिस एवं जूनोटिक रोगों तथा उनके प्रसार” विषय पर एक जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एम्स ऋषिकेश के सेंटर फॉर एक्सीलेंस/रीजनल कोऑर्डिनेटर, नेशनल वन हेल्थ प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ जूनोसिस के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या तरंग बेली द्वारा एम्स ऋषिकेश से पधारे डॉ. प्रियंका नैथानी, डॉ. महेन्द्र सिंह एवं प्रो. योगेन्द्र प्रताप माथुरिया का पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत करने के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन डॉ. शूरवीर सिंह बिष्ट, उप-प्रधानाचार्य श्री देवेन्द्र बिष्ट तथा अकादमिक हेड श्री अमित गांधी भी उपस्थित रहे। विद्यालय के चेयरमैन डॉ. शूरवीर सिंह बिष्ट ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं जन-जागरूकता से जुड़े विषयों की जानकारी देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने एम्स ऋषिकेश की टीम का विद्यालय आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का संचालन अमित गांधी एवं डॉ. प्रियंका नैथानी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। प्रारंभ में डॉ. प्रियंका नैथानी ने विश्व जूनोसिस दिवस के महत्व एवं कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात डॉ. महेन्द्र सिंह ने विद्यार्थियों को जूनोटिक रोगों, उनके संक्रमण के कारणों, पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाले रोगों तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वच्छता, समय पर टीकाकरण, सुरक्षित खान-पान एवं पशुओं के प्रति उचित सावधानी अपनाकर अनेक जूनोटिक रोगों से बचाव किया जा सकता है।
इसके उपरांत प्रो. योगेन्द्र प्रताप माथुरिया, विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजी, एम्स ऋषिकेश ने जूनोटिक रोगों के निदान, रोकथाम तथा “वन हेल्थ” की अवधारणा पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि मानव, पशु एवं पर्यावरण का स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है तथा इन तीनों के समन्वित प्रयासों से ही संक्रामक रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने सरल एवं वैज्ञानिक ढंग से उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के समापन पर एम्स ऋषिकेश की टीम द्वारा प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन का संदेश देते हुए विद्यालय के चेयरमैन डॉ. शूरवीर सिंह बिष्ट, प्रधानाचार्या तरंग बेली, उप-प्रधानाचार्य देवेन्द्र बिष्ट एवं अकादमिक हेड अमित गांधी को स्मृति स्वरूप प्लांटर भेंट किए गए।

मौके पर नीरज राणाकोटी अभिषेक,वेद प्रकाश, मनोज रावत, यशवंत चौहान, विशाल कटकार, रतन, हितेशी यादव, मनीषा पटवाल, लोकेन्द्र नौटियाल, अशोक सिंह मेहता, सूरज सिंह चौहान, जिन कुमार, हर्षिता पांडेय, दीपमाला, नीरज चौधरी, कीर्तन भट्ट, समस्त एनसीसी कैडेट्स, नैनी सहित अन्य उपस्थित रहा।

[banner id="1202"]

Related Articles

Back to top button