बारिश आते ही महायज्ञ छोड़कर भागे भाजपा नेता : जयेंद्र रमोला

ऋषिकेश । प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में विधानसभा ऋषिकेश के भाजपा नेताओं द्वारा त्रिवेणी घाट पर 1008 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया गया। लेकिन बारिश शुरू होते ही भाजपा के नेता और कार्यकर्ता हवन शुरू होने से पहले ही कार्यक्रम स्थल छोड़कर चले गए। इसके बाद मौके पर हवन की लकड़ियां, हवन सामग्री, कपूर, घी सहित अन्य पूजन सामग्री और प्लास्टिक की थैलियां बिखरी पड़ी रही । बारिश और हवा के चलते यह सामग्री गंगा की जल धारा तक पहुंचकर गंगा जी को प्रदूषित करने लगी ।
उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश महासचिव जयेंद्र रमोला ने भाजपा नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के लिए लगता है सनातन और मां गंगा की आस्था भी मौसम देखकर बदल जाती है। धूप में यज्ञ, कैमरों के सामने आस्था और बारिश आते ही कार्यक्रम से किनारा यह कैसी सनातन सेवा है, सनातन केवल भाषणों, नारों और धार्मिक आयोजनों की तस्वीरों तक सीमित नहीं होना चाहिए। सनातन की वास्तविक भावना आस्था, अनुशासन, स्वच्छता और मां गंगा के प्रति जिम्मेदारी निभाने में है इसीलिये भगवान ने भी उनका चाल और चरित्र पहचान लिया तभी रात भर रौ सुबह सात बजे तक साफ मौसम होने के बावजूद इनके द्वारा पीएम मोदी की दीर्घायु के लिये बेमन से किया गया दिखावटी यज्ञ को भगवान ने बारिश से बुझा दिया । रमोला ने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुऐ कहा कि यदि त्रिवेणी घाट जैसे पवित्र स्थल पर इतना बड़ा धार्मिक आयोजन किया गया था, तो बारिश की स्थिति के लिए पूर्व तैयारी क्यों नहीं की गई, हवन सामग्री को खुले में छोड़ने की नौबत क्यों आई और यदि पूजन सामग्री लोगों के पैरों की नीचे आने व पूजन सामग्री की पैकिंग पन्नियों का कूड़ा गंगा की धारा तक पहुंची तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा ? रमोला ने कहा कि भाजपा नेता हर मंच से मां गंगा को अपनी आस्था का केंद्र बताते हैं, निर्मल गंगा स्वच्छ गंगा के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च करते हैं व सोशल मीडिया पर प्रचार करते हैं लेकिन आस्था की असली परीक्षा तब होती है जब कैमरे बंद हों और जिम्मेदारी निभाने का समय आए। मां गंगा को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी केवल आम नागरिकों की नहीं, बल्कि धार्मिक आयोजन करने वाले आयोजकों की भी है। रमोला ने कहा कि भाजपाईयों की भगवान पर आस्था तो पहले भी नहीं थी पर अपने नेताओं पर और उनके जन्मदिन पर भी इनकी आस्था मर जायेगी ये नहीं सोचा था ।

लेकिन आज कहां हैं वे समातन का झूठा ढोंग पीटने वाले फर्जी नेता क्यों नहीं इनके खिलाफ लामबंद होते हैं जिन्होंने सनातनियों की आस्था को चोट पहुंचाई है ।
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