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लक्कड़घाट एसटीपी का भ्रमण कर विद्यार्थियों ने समझी गंगा स्वच्छता की वैज्ञानिक प्रक्रिया

ऋषिकेश ( राव शहजाद ) । पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, ऋषिकेश के नमामि गंगे प्रकोष्ठ की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार तथा राज्य परियोजना प्रबंधन ग्रुप, नमामि गंगे, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में पशुलोक स्थित लक्कड़घाट सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में स्वच्छता जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, नई दिल्ली के उप महानिदेशक श्री नलिनी श्रीवास्तव, निदेशक श्री धीरज जोशी तथा परिसर के नमामि गंगे नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार मेंदोला ने किया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए उप महानिदेशक नलिनी श्रीवास्तव ने कहा कि ऋषिकेश के पशुलोक स्थित लक्कड़घाट का 26 एमएलडी क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट गंगा नदी को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस संयंत्र में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से निकलने वाले घरेलू अपशिष्ट जल का वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जाता है, जिससे अनुपचारित सीवेज को गंगा में मिलने से रोकने तथा जल प्रदूषण को कम करने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि सीवेज का उचित उपचार, संयंत्र का नियमित रखरखाव और शोधन मानकों की निगरानी गंगा के संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने और गंगा संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को नमामि गंगे मिशन, स्वच्छता, जल प्रदूषण नियंत्रण तथा भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। कार्यक्रम के पश्चात छात्र-छात्राओं को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का स्थलीय निरीक्षण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने देखा कि शहर से निकलने वाले अपशिष्ट जल को विभिन्न चरणों में किस प्रकार शोधित किया जाता है तथा संयंत्र की कार्यप्रणाली और शोधन प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग किस प्रकार की जाती है। इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को जल संरक्षण एवं पर्यावरण प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन एवं परिसर के निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने कार्यशाला और स्थलीय निरीक्षण को स्वच्छता जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है । उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक सहभागिता की भावना विकसित होती है।

इस अवसर पर राज्य परियोजना प्रबंधन ग्रुप, नमामि गंगे, उत्तराखंड के अधिकारी एवं विशेषज्ञ, जल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। मौके पर पायल जोशी, प्रियंका, अनामिका, नेहा गौतम, शिवानी, शिवम रावत, नीरू, सरोज, मोनिका, शुभांगी, रिया नेगी, विवेक शर्मा, प्रिंस राणा, सिमरन शर्मा, रजनी, आयुष राणा, सृष्टि सहित 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

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