यहाँ : रक्षा सूत्र में दिखी भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक

ऋषिकेश। रक्षा बंधन की पूर्व संध्या पर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास, ऋषिकेश में रक्षा सूत्र कार्यक्रम का भावपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की शिक्षिकाओं एवं छात्राओं ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों, विद्यालय के प्रबंधक प्रो. गौरव वार्ष्णेय एवं प्रधानाचार्य उमाकांत पंत सहित छात्रों को रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान सभी ने प्रेम, विश्वास, जिम्मेदारी और रक्षा के संकल्प को आत्मसात किया।कार्यक्रम में आईटीबीपी के जवान चित्रमणि भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आज हम अपनी बहनों से दूर हैं, लेकिन यहां आकर हमें उनकी कमी महसूस नहीं हो रही है। आप सभी ने हमारी बहनों की कमी पूरी कर दी है। रक्षा सूत्र का यह भावपूर्ण आयोजन उनके लिए हमेशा स्मरणीय रहेगा। विद्यालय के प्रबंधक प्रो. गौरव वार्ष्णेय एवं प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने सभी को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रक्षा सूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, जिम्मेदारी और सुरक्षा का प्रतीक है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। विद्यालय के मीडिया प्रभारी नरेन्द्र खुराना ने बताया कि कार्यक्रम में उपस्थित आईटीबीपी के जवानों को विद्यालय परिवार की ओर से अंगवस्त्र पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का वातावरण भाई-बहन के स्नेह, सम्मान और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक से सराबोर रहा । कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की शिक्षिका सुहानी सेमवाल ने किया।

मौके पर उपप्रधानाचार्य डॉ. नागेंद्र पोखरियाल, नंद किशोर भट्ट, मुलवंत सिंह, कमल, सचिन कुमार, जसमीर सिंह कपिल, जयवीर सिंह, आईटीबीपी जवान चित्रमणि बडोनी सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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