रमजान के अलविदा जुमें में अकीदत के साथ नमाज अदा कर , मांगी देश और प्रदेश की खुशहाली की दुआएं
हरिद्वार । रमजान के अलविदा जुमा की नमाज अकीदत और शांति पूर्वक ढंग से अदा की गई है । बता दे शुक्रवार को पवित्र रमजान के महीने का अलविदा जुमा रहा है । इस दौरान प्रमुख जामा मस्जिद , ज्वालापुर सहित आसपास की मस्जिदों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने अलविदा जुमे की नमाज पढ़ी । जुमे की नमाज मज्जिद के इमाम सहाब ने अदा कराई । नमाज से पहले उन्होंने अपने खुतबे में रमजान, जुमा, फितरे व जकात की भी तफसील बयान की। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना इबादत और गुनाहों से माफी मांगने का महीना भी है। इस महीने का आखिरी अशरा जहन्नुम से निजात का है। इस अशरे में अल्लाह अपने बंदों के गुनाहों से पाक कर देता है। इस आखरी अशरे में एक रात शबे कद्र की रात भी आती है, जो हजार रातों से अफजल है, जिसमें अल्लाह की इबादत करने और नेकी करने का कई गुना सवाब दिया जाता है।

इस महीने में एक रकात नमाज अदा करने का सवाब सत्तर गुना हो जाता है, साथ ही इस महीने में नरक के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस महीने में कुरान शरीफ दुनिया में नाजिल (अवतरित) हुआ। इस महीने में जन्नत के दरवाजे भी खोल दिए जाते हैं, इसलिए यह महीना और भी अहमियत वाला हो जाता है ।






























