प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने किया कर्मयोगी सम्मान दिवस आयोजित

ऋषिकेश । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा “कर्मयोगी सम्मान दिवस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें निर्माण कार्यों से जुड़े कर्मयोगियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मेयर शंभू पासवान , देहरादून सब ज़ोन की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बी.के. मंजू दीदी, ज्योति सजवाण जी(अध्यक्ष कांट्रेक्टर एसोसिएशन), ऋषिकेश सेवा केंद्र प्रभारी बी.के. आरती बहन, ढालवाला सब सेंटर प्रभारी बी.के. निर्मला बहन एवं बी.के. सुशील भाई द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।बी.के. सुशील भाई ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था एक विश्वव्यापी आध्यात्मिक संस्था है, जो मानव जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों एवं श्रेष्ठ संस्कारों के जागरण हेतु निरंतर कार्य कर रही है। संस्था द्वारा समाज सेवा के लिए विभिन्न सेवा प्रभाग संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अप्रैल माह में “विश्वकर्मा प्रभाग” की स्थापना विशेष रूप से कर्मयोगियों के सम्मान, सेवा एवं उत्थान के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि सेवा किसी भी क्षेत्र की हो, वह कभी छोटी या बड़ी नहीं होती। प्रत्येक सृजनकर्ता का अपना विशेष महत्व होता है। भवन निर्माण कार्य में लगे कर्मयोगी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, किंतु व्यसनों के कारण उनकी शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक शक्तियाँ प्रभावित होती हैं। संस्था उन्हें सकारात्मक एवं आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है । मुख्य अतिथि मेयर शंभू पासवान ने कहा कि वे स्वयं भी एक कर्मयोगी रहे हैं तथा वर्षों से निर्माण कार्यों से जुड़े होने के कारण उन्होंने कर्मयोगियों के जीवन को बहुत निकटता से अनुभव किया है। उन्होंने कहा कि कर्मयोगियों की मेहनत और समर्पण समाज एवं राष्ट्र निर्माण की नींव है। ज्योति सजवाण ने कहा की कर्मयोगियों के जीवन की कठिनाइयों को उजागर करते हुए कहा कि निर्माण कार्य में की गई छोटी-सी लापरवाही केवल व्यक्ति की ही नहीं, बल्कि भगवान विश्वकर्मा के नाम की भी गरिमा को प्रभावित करती है। इसलिए आध्यात्मिकता को जीवन में अपनाकर अपनी कार्यकुशलता एवं गुणवत्ता को बढ़ाना आवश्यक है। देहरादून सब ज़ोन की मुख्य प्रशासिका बी.के. मंजू दीदी ने कहा कि हमारा प्रमुख ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता हमें कर्मयोगी और योगी — दोनों बनने की प्रेरणा देता है। आज मन व्यथित, बुद्धि अशांत एवं जीवन व्यसनों से प्रभावित होता जा रहा है। जैसे कर्मयोगी भवन निर्माण करते हैं, वैसे ही परमपिता परमात्मा इस सृष्टि के रचयिता एवं हमारे पिता हैं। कर्म का प्रतिफल केवल धन नहीं, बल्कि खुशी और शांति भी होना चाहिए। हमारी शुभकामना है कि परमात्मा सभी कर्मयोगियों एवं उनके परिवारों को शांति, सुख और शक्ति प्रदान करें। वही ऋषिकेश केंद्र प्रभारी बी.के. आरती बहन ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थित कर्मयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था मानव जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों के जागरण हेतु निरंतर कार्यरत है। संस्था द्वारा “कर्मयोगी सम्मान दिवस” के माध्यम से निर्माण कार्यों में लगे कर्मयोगियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया है, क्योंकि सृजन करने वाली प्रत्येक सेवा का समाज में विशेष महत्व है।


संस्था का प्रयास है कि राजयोग एवं आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से कर्मयोगियों को व्यसनमुक्त, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाया जाए।
[banner id="1202"]





























