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उत्तराखंड : श्री हेमकुंड साहिब के पावन कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद

ऋषिकेश । श्री हेमकुंट साहिब के पावन कपाट बंद करने का शुभ समारोह श्रद्धा और भक्ति के भाव से संपन्न हुआ है । समारोह का आरंभ सुखमनी साहिब के पाठ से हुआ, जिसके पश्चात श्री दरबार साहिब, अमृतसार के हज़ूरी रागी सिंह गुरदियाल सिंह एवं जत्थे ने शबद कीर्तन प्रस्तुत किया। गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन सरदार नरिंदरजीत सिंह बिंद्रा ने प्रबंधन की ओर से इस वर्ष की यात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, भारतीय सेना, राज्य सरकार तथा ज़िला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल की सराहना की, जिन्होंने पूरी यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्था को सुचारु रखा। चेयरमैन ने यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी गुरुद्वारों के सेवादार स्टाफ का भी धन्यवाद किया और कहा कि उनकी निष्ठा एवं परिश्रम से ही यह विशाल यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सकी। उन्होंने यह भी बताया कि अब रतूड़ा गुरुद्वारा भी संगत के लिए खुला है। ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सरदार सेवा सिंह ने सभी गुरुद्वारों में संगत के सहयोग के लिए कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि श्रद्धालुओं के अनुशासन एवं सहयोग से ही व्यवस्थाएँ सुगमता से चल सकीं।
इस अवसर पर इस यात्रा की अंतिम अरदास की गई। तत्पश्चात श्री गुरु ग्रंथ साहिब को “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों के बीच एक सत्कारपूर्ण शोभायात्रा में उनके शीतकालीन निवास सचखंड ले जाया गया। शोभायात्रा का नेतृत्व गढ़वाल स्काउट्स बैंड तथा 418 इंडिपेंडेंट इंजीनियर कोर के जवानों ने किया। सेना के इन जवानों ने समारोह के दौरान भीड़ प्रबंधन का दायित्व भी संभाला। इस वर्ष विश्व भर से श्रद्धालु श्री हेमकुंट साहिब के दर्शन करने पहुँचे। इनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, यूरोप, मलेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर और दुबई सहित अनेक देशों के तीर्थयात्री शामिल रहे। समारोह की एक विशेष बात यह रही कि पाकिस्तान से आए 48 तीर्थयात्रियों के जत्थे ने भी इस पावन अवसर पर पवित्र स्थान के दर्शन किए और कपाट बंद समारोह के साक्षी बने।

कल से हल्की बर्फबारी आरंभ होने के बावजूद श्रद्धालुओं ने प्रतिकूल मौसम का सामना किया। आज लगभग 5000 श्रद्धालुओं ने श्री हेमकुंट साहिब में उपस्थित होकर विनम्र भाव से प्रार्थना की। श्री हेमकुंट साहिब की यात्रा अब ग्रीष्म 2027 में पुनः आरंभ होगी।

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