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निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 76वां गणतंत्र दिवस

ऋषिकेश । निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी में 76वां गणतंत्र दिवस बड़े धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया गया है । इस कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के संस्थापक महंत बाबा राम सिंह महाराज के पावन सान्निध्य और संत बाबा जोध सिंह महाराज की गरिमामयी उपस्थिति से हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. संजीव चोपड़ा, प्रसिद्ध शिक्षाविद् और ‘द हेरिटेज स्कूल’ देहरादून के डायरेक्टर, भी उपस्थित रहे।सर्वप्रथम स्कूल वंदना प्रारंभ की गई, तत्पश्चात महाराज एवं मुख्य अतिथि के द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को फहराकर, राष्ट्रगान के साथ सलामी दी गई, तथा खेल शिक्षक दिनेश पैन्यूली ने विधार्थियों के साथ उदघोष करते हुए देशभक्ति नारों के साथ एनजीए प्रागण गूंज उठा । विद्यालय के प्रधानाचार्या डॉ सुनिता शर्मा ने समारोह की शुरुआत करते हुए सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और इस दिन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता सेनानियों की बलिदानी गाथाओं और हमारे संविधान की अनमोल विरासत के प्रति जागरूक करते हुए देशभक्ति की भावना से प्रेरित किया।कार्यक्रम में कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य और कविताओं से उपस्थित सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से देशभक्ति गीत “ऐ मेरे वतन के लोगों” ने सभी को भावुक कर दिया। इसके अलावा स्कूल के विधार्थियो ने मानव श्रृंखला का प्रदर्शन किया गया, जिसमें अनुशासन और एकता की झलक देखने को मिली।प्रधानाचार्य डॉ. सुनीता शर्मा ने देश के प्रति बच्चों की जिम्मेदारियों और योगदान पर बल देते हुए सभी छात्रों और शिक्षकों को राष्ट्रहित में समर्पित रहने का संदेश दिया।मुख्य अतिथि ने कहा कि आज इस पवित्र अवसर पर एनजीए में उपस्थित होकर, मैं खुद को भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। जिस प्रकार यह संतो के आशीर्वाद से विद्यालय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है, विशेष रूप से उन बच्चों को जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, यह वास्तव में देश सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। शिक्षा ही वह साधन है, जो समाज को सशक्त और उन्नत बनाता है । जो शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, बल्कि यह पूरे देश की प्रगति में भी योगदान देती है। शिक्षित नागरिक ही बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं। देशभक्ति केवल सीमाओं पर लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के माध्यम से देश के भविष्य को सशक्त बनाना भी एक सच्ची देशभक्ति है। प्रिय विद्यार्थियों, आप सभी इस महान विद्यालय का हिस्सा हैं। आप वह बीज हैं, जो एक दिन बड़े और सशक्त वृक्ष बनेंगे। आपके पास ज्ञान का जो अवसर है, उसका भरपूर उपयोग करें। शिक्षा आपके जीवन का सबसे बड़ा हथियार है, जिससे आप न केवल अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि समाज और देश के विकास में योगदान दे सकते हैं। अंत में, मैं यही
कहना चाहूंगा कि एनजीए देश की आत्मा के उस हिस्से को पोषित कर रहा है जो देश की नीवं के समान है। मैं महाराज को वंदन और अभिनंदन करता हूं जिन्होंने इस महान कार्य में अपना बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान राष्ट्रहित में दिया है । कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और मिठाई वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर हिंदी विभाग की अध्यापिका राजबाला नौटियाल ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

इस समारोह ने सभी में देशभक्ति की भावना और संविधान के प्रति आस्था को प्रबल किया। मौके पर निर्मल आश्रम चेयरमैन डॉक्टर एसएन सूरी व डायरेक्टर सरदार गुरविंदर सिंह, एनजीए हेडमिस्ट्रेस अमृतपाल डंग, एनडीएस प्रधानाचार्या ललिता कृष्णास्वामी, एनईआई मैनेजर श्री अजय शर्मा, सोहन सिंह, विनोद कुमार, दिनेश पैन्यूली, दीपमाला कोठियाल, सरदार गुरजिंदर सिंह, प्रदीप कुमार, पुनम चौहान, जितेंद्र कुमार, रजनी श्रीकोटी, निर्मल सिंह, निकिता, स्मिता गर्ग सहित अन्य मौजूद रहे ।

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