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एनजीए ने किया शानदार प्रदर्शन, 40 विद्यालयों के 144 खिलाड़ियों के बीच जीती ओवरऑल चैंपियन ट्रॉफी

ऋषिकेश। राष्ट्रीय शतरंज दिवस के पावन अवसर पर निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी (NGA), खैरी कलां, श्यामपुर के सभागार में आयोजित चतुर्थ अंतरविद्यालयी शतरंज प्रतियोगिता उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के बीच भव्य रूप से संपन्न हुई। प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों के 40 विद्यालयों से 144 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग कर अपनी बौद्धिक क्षमता, एकाग्रता, रणनीतिक कौशल और खेल प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है । प्रतियोगिता में मेजबान विद्यालय निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। दून इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल ने द्वितीय तथा डीएसबी, गुमानीवाला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ निर्मल आश्रम महंत राम सिंह महाराज के आशीर्वाद एवं संत बाबा जोध सिंह महाराज के पावन सानिध्य में हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि नीलम बिज्लवाण, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद मुनि की रेती, तथा विशिष्ट अतिथि सुश्री शिराली पटनायक, फिडे मास्टर (FIDE Master—FM), उपस्थित रहीं। अतिथियों ने गायत्री मंत्र एवं शबद की मंगलमय ध्वनि के बीच दीप प्रज्वलित कर प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया। विद्यालय की हेडमिस्ट्रेस अमृत पाल डंग ने मंचासीन अतिथियों, खेल प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों एवं विभिन्न संस्थाओं से पधारे गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की प्रमुख शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों से परिचित कराया। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. सुनीता शर्मा ने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना, निष्पक्षता एवं अनुशासन के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शपथ दिलाई।वही विद्यालय के खेल विभाग प्रमुख एवं वरिष्ठ खेल प्रशिक्षक दिनेश पैन्यूली ने बताया कि प्रतियोगिता में देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, ढालवाला, रुड़की, डाकपत्थर तथा बिजनौर सहित विभिन्न क्षेत्रों के 40 विद्यालयों के 144 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता को पांच आयु वर्गों—अंडर-09, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17 एवं अंडर-19—में आयोजित किया गया, जिससे विभिन्न आयु समूहों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

नगर पालिका अध्यक्ष नीलम बिज्लवाण ने कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि तार्किक चिंतन, धैर्य, एकाग्रता, निर्णय क्षमता और दूरदर्शिता विकसित करने का सशक्त माध्यम है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं परस्पर सम्मान की भावना को भी प्रोत्साहित करती हैं प्रतियोगिता पांच आयु वर्गों में खेली गई, प्रतियोगिता के विभिन्न आयु वर्गों के परिणाम इस प्रकार रहे ।

अंडर-09 वर्ग

– प्रथम: स्वर्णिम चौधरी — औरंगजेब गुलाल विद्यालय, बिजनौर
– द्वितीय: मानव डंगवाल — माउंट फोर्ट स्कूल, रुड़की
– तृतीय: श्रेष्ठ जुगलान — बी.एम.डी.ए.वी., हरिद्वार

अंडर-13 वर्ग

– प्रथम: प्रियांशा छेत्री — निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी
– द्वितीय: अन्वेष उनियाल — सेपियंस स्कूल, विकासनगर
– तृतीय: इरा शेट्टी — डीएसबी, ऋषिकेश

अंडर-15 वर्ग

– प्रथम: लक्षिता चौधरी — डीएसबी, ऋषिकेश
– द्वितीय: जयति अग्रवाल — भागीरथी विद्यालय, हरिद्वार
– तृतीय: हिमानी माहेश्वरी — ओलंपस हाई स्कूल, देहरादून

अंडर-17 वर्ग

– प्रथम: शुभम माहेश्वरी — ओलंपस स्कूल, देहरादून
– द्वितीय: शौर्य जुगलान — बी.एम.डी.ए.वी., हरिद्वार
– तृतीय: आशुतोष उनियाल — भागीरथी विद्यालय, हरिद्वार

अंडर-19 वर्ग

– प्रथम: वैभव अग्रवाल — दून इंटरनेशनल स्कूल, ऋषिकेश
– द्वितीय: वेदांश भट्ट — निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी, ऋषिकेश
– तृतीय: लक्ष्य सिंह — ए.एन.डी. पब्लिक स्कूल, हरिद्वार

समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि चारु माथुर कोठारी, राज्यमंत्री साथ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मुकेश कुमार एवं मनप्रीत शर्मा तथा सामाजिक कार्यकर्ता पुरुषोत्तम भट्ट उपस्थित रहे।अतिथियों एवं संत बाबा जोध सिंह महाराज ने विभिन्न वर्गों के विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। चारु माथुर कोठारी ने निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने वाले निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी के शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षा के साथ खेलों की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। संत बाबा जोध सिंह महाराज ने उपस्थित अतिथियों को शिरोपा एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया तथा विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी एवं प्रसाद प्रदान कर आशीर्वाद दिया। प्रतियोगिता के सफल संचालन में निर्णायक मंडल के सदस्य बृजेश राय, शेर सिंह थापा, सोमदत्त शर्मा, हरि सिंह प्रजापति एवं अनिकेत प्रजापति ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षिका ममता पंवार के नेतृत्व में सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. सुनीता शर्मा ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, विभिन्न विद्यालयों से आए प्रतिभागियों एवं खेल प्रशिक्षकों, निर्णायक मंडल, निर्मल आश्रम की विभिन्न संस्थाओं से पधारे प्रतिनिधियों तथा आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। मौके पर सब-इंस्पेक्टर नवीन कंडवाल,विपिन सिरोही , मधु चौहान, गोपाल भटनागर; एनईआई से आत्म प्रकाश बाबूजी; निरमल आश्रम से हरमनप्रीत सिंह, दिनेश शर्मा, सरदार गुरजिंदर सिंह, कुलदीप सिंह रावत, एनजीए समन्वय सोहन सिंह कैन्तुरा, प्रशासनिक अधिकारी विनोद बिज्लवाण, परीक्षा नियंत्रण सरबजीत कौर, राकेश रोंछेला, राकेश नौटियाल; मनजीत शर्मा; सुनील पांडे, पुरुषोत्तम भट्ट सहित अन्य उपस्थित रहे ।

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